उत्तर प्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सभी प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को “मिशन मोड” में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में राज्य परिवर्तन आयोग की बैठक में उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि किसी भी परियोजना में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी बाधाओं को प्राथमिकता से दूर किया जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक हब और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां भी प्रक्रियात्मक अड़चनें हैं, उन्हें तुरंत हटाकर काम को गति दी जाए ताकि परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हो सकें।
सबसे ज्यादा जोर एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर दिया गया। चित्रकूट लिंक, फर्रुखाबाद लिंक और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 31 मई तक 90% भूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण में तेजी लाई जाए और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। इसके लिए सीधे संवाद की भी बात कही गई है।
इसके अलावा, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी लिंक और मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं को भी तेज गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा में बन रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और ट्रांसपोर्ट हब को “गेम चेंजर” बताया। इन परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ सकेगा, जिससे व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा क्षेत्र में भी सरकार तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल योजना के तहत 75 जिलों में 150 स्कूल बनाए जाने हैं, जिनमें से कई पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने निर्देश दिया कि बाकी परियोजनाओं को भी जल्द पूरा किया जाए और स्कूलों के लिए बेहतर स्थान चुने जाएं।
शहरी विकास के तहत लखनऊ में वर्ल्ड क्लास कन्वेंशन सेंटर और आधुनिक बस टर्मिनल जैसे प्रोजेक्ट भी तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं शहरों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
कुल मिलाकर, योगी सरकार का फोकस केवल परियोजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समय पर पूरा करना भी प्राथमिकता है। मिशन मोड में चल रहे ये प्रयास उत्तर प्रदेश को तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं और राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।
