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योगी आदित्यनाथ ने 936 प्रधान परिचालकों को बांटे नियुक्ति पत्र, पारदर्शी भर्ती पर दिया जोर

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Yogi Adityanath ने लखनऊ में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित 936 प्रधान परिचालकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। यह कार्यक्रम राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और अधिकारियों की मौजूदगी रही।

पारदर्शी भर्ती व्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में पिछले नौ वर्षों के दौरान भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब नौकरी पाने के लिए किसी भी प्रकार की सिफारिश या रिश्वत की आवश्यकता नहीं है। नियुक्तियां पूरी तरह योग्यता और मेरिट के आधार पर की जा रही हैं, जिससे युवाओं में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले की सरकारों में भर्ती प्रक्रिया पर अक्सर सवाल उठते थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है। इस बदलाव का असर यह है कि अब युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर सरकारी नौकरी हासिल कर रहे हैं।

कानून व्यवस्था और प्रशिक्षण में सुधार

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था में हुए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले राज्य में केवल लगभग 3000 पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की क्षमता थी, जबकि अब यह आंकड़ा बढ़कर हजारों में पहुंच चुका है और लगभग 60 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

इससे स्पष्ट होता है कि सरकार ने न केवल भर्ती प्रक्रिया को मजबूत किया है बल्कि प्रशिक्षण व्यवस्था को भी बेहतर बनाया है, जिससे पुलिस बल अधिक सक्षम और प्रभावी बन सका है।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में लगातार विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया चलाई जा रही है। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण है और उन्हें पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी नौकरी केवल रोजगार नहीं बल्कि जनता की सेवा का माध्यम है, इसलिए हर कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कार्य करना चाहिए।

“नई सोच, नया उत्तर प्रदेश” का संदेश

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने “नए उत्तर प्रदेश” की अवधारणा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य अब विकास, सुशासन और पारदर्शिता के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। भर्ती प्रक्रिया में सुधार इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे प्रदेश की छवि में सकारात्मक बदलाव आया है।

अंत में, उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने कार्य के माध्यम से प्रदेश के विकास में योगदान दें और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरें।