उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में समाजसेवी स्वर्गीय मार्कण्डेय यादव के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री स्वयं उनके पैतृक आवास पहुंचे और दिवंगत की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें इस कठिन समय में धैर्य रखने का संदेश दिया।
जानकारी के अनुसार, मार्कण्डेय यादव का निधन उपचार के दौरान हुआ था। वे गोरक्षपीठ के प्रति गहरी आस्था रखने वाले और क्षेत्र में सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से इलाके में शोक की लहर है और बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे के दौरान दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि समाज के लिए समर्पित जीवन जीने वाले लोग हमेशा याद किए जाते हैं और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनता है। योगी ने मार्कण्डेय यादव के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के लिए लगातार काम किया और लोगों के दिलों में अपनी विशेष जगह बनाई।
सीएम ने परिवार के सदस्यों—पत्नी, पुत्रों और अन्य परिजनों से आत्मीय बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद के लिए उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में धैर्य और साहस सबसे बड़ी ताकत होती है।
यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक भी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का इस तरह व्यक्तिगत रूप से पहुंचना यह दर्शाता है कि सरकार समाजसेवियों के योगदान को सम्मान देती है। स्थानीय लोगों ने भी मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की और इसे संवेदनशील नेतृत्व का उदाहरण बताया।
मार्कण्डेय यादव की पहचान एक सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में थी। वे लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय थे और जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। उनके निधन से क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व भले ही इस दुनिया से चले जाते हैं, लेकिन उनके कार्य और विचार समाज में हमेशा जीवित रहते हैं।
