उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने हाल ही में फिल्म जगत को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सिनेमा समाज को दिशा देने का एक सशक्त माध्यम है, इसलिए फिल्मकारों को नकारात्मक किरदारों को महिमामंडित करने से बचना चाहिए। उनका यह बयान वाराणसी में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जहां उन्होंने कला और सिनेमा की भूमिका पर विस्तार से बात की।
सिनेमा का समाज पर बड़ा प्रभाव-Yogi Adityanath
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि फिल्में और नाट्य प्रस्तुतियां केवल मनोरंजन का साधन नहीं होतीं, बल्कि वे समाज के विचार और युवाओं की सोच को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कलाकारों द्वारा निभाए गए किरदार युवाओं के लिए प्रेरणा बनते हैं, इसलिए यह जरूरी है कि सकारात्मक और आदर्श चरित्रों को अधिक महत्व दिया जाए।
उनके अनुसार, जो कुछ भी फिल्मों में दिखाया जाता है, वही आने वाली पीढ़ी के व्यवहार और सोच को आकार देता है।
नकारात्मक किरदारों पर चिंता
Yogi Adityanath ने यह भी कहा कि एक समय ऐसा था जब फिल्मों में नकारात्मक किरदारों को हीरो की तरह प्रस्तुत किया जाता था, जिससे समाज पर गलत प्रभाव पड़ा और एक पूरी पीढ़ी भटक गई। उन्होंने फिल्म निर्माताओं से अपील की कि वे ऐसी प्रवृत्तियों से बचें और समाज को सही दिशा देने वाली कहानियों पर ध्यान दें।
सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की अपील
मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को फिल्मों के माध्यम से प्रस्तुत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध विरासत और महान व्यक्तित्वों की कहानियां युवाओं को प्रेरित कर सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में सिनेमा को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम का संदर्भ
यह बयान वाराणसी में आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन के दौरान दिया गया, जिसमें सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और भारतीय परंपराओं को दर्शाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना था। इस दौरान विभिन्न कलाकारों ने प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय इतिहास और आदर्शों को जीवंत किया।
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