उत्तर प्रदेश में किसानों को राहत देते हुए Yogi Adityanath सरकार ने रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।
सरकार द्वारा तय किए गए नए MSP के तहत गेहूं का समर्थन मूल्य लगभग ₹2585 प्रति क्विंटल रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
इसी तरह चना, मसूर और सरसों जैसी प्रमुख रबी फसलों के MSP में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस
योगी सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। MSP में वृद्धि इसी दिशा में एक अहम कदम है। सरकार का मानना है कि सही मूल्य मिलने से किसान अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित होंगे और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
हाल के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कृषि विकास दर में भी तेजी आई है, जो सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का परिणाम मानी जा रही है।
खरीद प्रक्रिया को बनाया जा रहा पारदर्शी
सरकार ने केवल MSP बढ़ाने तक ही सीमित नहीं रखा है, बल्कि खरीद प्रक्रिया को भी आसान और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। राज्यभर में हजारों खरीद केंद्र बनाए जा रहे हैं, जहां किसानों की उपज सीधे खरीदी जाएगी।
डिजिटल सिस्टम, आधार आधारित सत्यापन और DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
समयबद्ध भुगतान और सुविधाएं
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान तय समय सीमा के भीतर मिले। आधुनिक तकनीक जैसे e-POS मशीन और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम का उपयोग कर खरीद प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाया जा रहा है।
इसके अलावा, खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसानों के लिए ‘डबल फायदा’
MSP में वृद्धि और पारदर्शी खरीद प्रणाली का फायदा किसानों को दोहरे रूप में मिलेगा—एक तरफ उन्हें फसलों का बेहतर मूल्य मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ भुगतान भी सीधे और समय पर प्राप्त होगा।
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