उत्तर प्रदेश की राजनीति में दादरी रैली के बाद माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav के भाषण पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary ने सपा की नीतियों और ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान को लेकर सवाल उठाए हैं।
दरअसल, दादरी में आयोजित रैली में अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए बदलाव की बात कही थी। उन्होंने रोजगार, किसानों और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को उठाया और दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है। साथ ही, सपा सरकार बनने पर पुरानी योजनाओं को फिर से लागू करने का वादा भी किया।
Akhilesh Yadav पर भाजपा ने किया पलटवार
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के बयान के बाद बीजेपी की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई। पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि सपा का ‘PDA’ नारा वास्तव में सामाजिक न्याय नहीं बल्कि “परिवार विकास एजेंडा” है। उनका कहना है कि यह केवल एक परिवार की राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का तरीका है।
उन्होंने यह भी कहा कि सपा सरकार के समय कानून-व्यवस्था कमजोर थी और अपराधियों को संरक्षण मिलता था, जबकि वर्तमान सरकार ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है। बीजेपी ने सपा के पिछले कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए इसे “जंगलराज” करार दिया।
Akhilesh Yadav की दादरी रैली का राजनीतिक महत्व
दादरी में हुई यह रैली आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी के तौर पर देखी जा रही है। इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी ने सपा के शक्ति प्रदर्शन का संकेत दिया। पार्टी इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास के रूप में देख रही है।
भाजपा और सपा का आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
एक ओर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav), बीजेपी पर बेरोजगारी, किसान मुद्दों और भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं, वहीं बीजेपी सपा पर परिवारवाद और खराब कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठा रही है। इस राजनीतिक टकराव से साफ है कि आने वाले चुनावों को लेकर दोनों दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है।
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