सोनभद्र जनपद के तरावां स्थित संकट मोचन धाम में रामचरितमानस नवाह परायण और राम जन्मोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस धार्मिक आयोजन में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
दिन में मानस पाठ, शाम को जन्मोत्सव
कार्यक्रम के दौरान दिन में रामचरितमानस का अखंड पाठ किया गया, जिसमें भक्तों ने बड़ी संख्या में सहभागिता निभाई। कथा वाचन और भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान राम के जीवन और आदर्शों का वर्णन किया गया। वहीं शाम के समय राम जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया, जिसमें भगवान राम के जन्म की झांकी प्रस्तुत की गई। इस दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरे माहौल में भक्ति की लहर दौड़ गई।
भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम
इस आयोजन में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में सजावट, दीपों की रोशनी और धार्मिक संगीत ने माहौल को और भी आकर्षक बना दिया। भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की पूर्णता में भागीदारी निभाई।
समाज में धार्मिक एकता का संदेश
इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित होता है। राम नवाह परायण जैसे कार्यक्रम लोगों को धर्म, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे, जिससे नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और भगवान राम के आदर्शों से परिचित कराया जा सके।
सोनभद्र में आयोजन ने बांधा समां
कुल मिलाकर, सोनभद्र के तरावां में आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अनूठा उदाहरण बनकर सामने आया। राम जन्मोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि लोगों के बीच सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दिया।
Read More : अलीगढ़ में ईद-उल-फितर को लेकर हाई अलर्ट, डीएम-एसएसपी ने किया सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण
