राजस्थान के जालोर जिले में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। सिरे मंदिर में रत्नेश्वर महादेव मंदिर के 375वें महोत्सव के अवसर पर आयोजित धर्मसभा में उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भगवान राम के अस्तित्व को नकारा, आज समय ने उन्हें जवाब दे दिया है।
योगी ने कहा कि अतीत में कुछ राजनीतिक दलों ने राम मंदिर के मुद्दे को लेकर आस्था पर सवाल उठाए और यहां तक कि अदालत में भी भगवान राम के अस्तित्व को नकारने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज वही लोग जनता के बीच अस्वीकार हो चुके हैं।
राम मंदिर का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में बने राम मंदिर का उल्लेख करते हुए इसे देश की सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अगर समाज एकजुट होकर संकल्प ले, तो सदियों पुरानी समस्याओं का भी समाधान संभव है।
योगी ने यह भी कहा कि भारत की असली ताकत उसकी संस्कृति और आस्था में निहित है, जिसे कमजोर करने की कोशिशें पहले की सरकारों ने की थीं, लेकिन अब देश अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है।
नाथ परंपरा का मुख्यमंत्री ने किया जिक्र
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने नाथ परंपरा और संतों की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 9 नाथ और 84 सिद्धों की परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो समाज को दिशा देने का कार्य करती रही है।
उन्होंने रत्नेश्वर महादेव मंदिर के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान देने वाले राजा मानसिंह की सराहना करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच से किया गया कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता।
जातिवाद का कसा तंज
योगी आदित्यनाथ ने समाज में बढ़ते जातिवाद और नशे की प्रवृत्ति को गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि जातिवाद समाज को बांटता है और इसे समाप्त करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह दी और इसे राष्ट्र के भविष्य के लिए घातक बताया।
स्मार्टफोन के दुष्प्रभाव पर चेतावनी
अपने संबोधन में योगी ने स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग को भी नुकसानदायक बताया। उन्होंने कहा कि यह युवाओं को मानसिक रूप से कमजोर बना सकता है और डिप्रेशन की ओर ले जा सकता है। उन्होंने बच्चों को कम उम्र में मोबाइल से दूर रखने और पढ़ाई, योग व व्यायाम पर ध्यान देने की सलाह दी।
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