उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक हिंदू संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष को फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और संगठन के पदाधिकारियों ने तुरंत पुलिस से शिकायत की। पीड़ित नेता का कहना है कि अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी और जान से मारने की धमकी दी।
धमकी मिलने के बाद पीड़ित ने तुरंत स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉल करने वाले की पहचान करने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की मदद ली जा रही है।
संगठन ने जताई सुरक्षा की चिंता
धमकी मिलने के बाद हिंदू संगठन के पदाधिकारियों और समर्थकों में चिंता का माहौल है। संगठन से जुड़े लोगों ने कहा कि उनके नेता को लगातार सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर सक्रिय रहने के कारण निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि धमकी देने वाले व्यक्ति को जल्द गिरफ्तार किया जाए और संगठन के पदाधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
संगठन के लोगों का कहना है कि इस तरह की धमकियां लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही नहीं हैं और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते आरोपी की पहचान नहीं की गई तो संगठन आंदोलन का रास्ता भी अपना सकता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मेरठ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और कॉल करने वाले नंबर की जांच की जा रही है। साथ ही साइबर सेल की मदद भी ली जा रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपी तक पहुंचा जा सके।
पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होती है और कॉल की लोकेशन तथा उससे जुड़े अन्य डिजिटल सबूतों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आरोपी की पहचान होते ही उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
प्रशासन ने इस मामले को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें और यदि उन्हें इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
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