उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी जापान यात्रा के दौरान टोक्यो में आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट रोड शो में जापानी निवेशकों को प्रदेश में निवेश का जोरदार निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब दंगों, कर्फ्यू और नकारात्मक खबरों से आगे निकलकर एक सकारात्मक पहचान बना चुका है और अब दीपोत्सव, महाकुंभ और वैश्विक निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उत्तर प्रदेश अब निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में देश का सबसे मजबूत और सबसे सुरक्षित निवेश स्थल बन चुका है।
500 एकड़ में विकसित होगी ‘जापान इंडस्ट्रियल सिटी’
सीएम योगी ने विशेष रूप से जापानी उद्यमियों को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में 500 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली जापान इंडस्ट्रियल सिटी की जानकारी दी। यह प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नज़दीक तैयार किया जा रहा है, जहाँ जापानी कंपनियों को बेहतर लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी, निर्यात सुविधाएँ और क्लस्टर-आधारित निवेश के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस एकीकृत औद्योगिक सिटी का लक्ष्य प्रदेश को एशिया के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक बनाना है, जिससे जापानी उद्योगों को भारत-यूपी के माध्यम से वैश्विक बाजार तक पहुँचने का अवसर मिल सके।
उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और युवा कार्यबल के अवसर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब 16 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हैं, जिससे व्यापार और यातायात की सुविधाएँ और अधिक सुदृढ़ हुई हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण केंद्रों में से एक बन चुका है, जिसमें मोबाइल निर्माण का लगभग 55% और इलेक्ट्रॉनिक भागों का लगभग 60% उत्पादन होता है।
इसके साथ ही, प्रदेश में डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और मेडिकल डिवाइस जैसे क्षेत्र में भी निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। योगी ने जोर देकर कहा कि यूपी का युवा और कुशल कार्यबल उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है, जो निवेशकों को उच्च गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी लाभ प्रदान करता है।
वैश्विक साझेदारी और भारत-जापान संबंध
सीएम ने जापान को ‘उगते सूरज की धरती’ बताते हुए भारत-यूपी के धार्मिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान श्रीराम और भगवान बुद्ध जैसे महानात्माओं की जन्मभूमि है, जिससे दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत बनाया जा सकता है।
समापन करते हुए उन्होंने जापानी उद्योगपतियों को प्रदेश के निवेश अवसरों का लाभ उठाने और उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के एक मुख्य केंद्र के रूप में चुनने के लिए आमंत्रित किया।
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