उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर आगमन बड़े उत्साह और सम्मान के साथ हुआ, जहाँ उन्हें होटल के बाहर भव्य स्वागत किया गया। यह यात्रा 23 से 24 फरवरी 2026 तक सिंगापुर में निवेश और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है, जिसके बाद वे 25 से 26 फरवरी तक जापान जाएंगे। यह चार दिवसीय दौरा मुख्यमंत्री का 2017 के म्यांमार दौरे के बाद पहला बड़ा विदेशी दौरा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सिंगापुर पहुँचने पर स्थानीय अधिकारियों और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। उनका यह यात्रा कार्यक्रम मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करने, उद्योग सहयोग बढ़ाने और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत बनाने को केंद्रित है।
योगी आदित्यनाथ ने दिया निवेश और आर्थिक बातचीत पर जोर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर पहुँचकर निवेश नेताओं से मुलाकात की और यहां टेमासेक होल्डिंग्स के अध्यक्ष टीयो ची हीन सहित कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों से बातचीत की। चर्चाओं का मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक अवसरों, आर्थिक विकास और निवेश संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर रहा।
यात्रा की रूपरेखा के अनुसार, मुख्यमंत्री 33 वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे जिनमें 25 सिंगापुर स्थित और 8 जापान स्थित कंपनियाँ शामिल हैं। इन बैठकों में डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि उद्योग, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा होगी।
सरकार की योजना है कि इस दौरे से उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक निवेश केंद्र और विनिर्माण हब के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए मुख्यमंत्री निवेशकों से प्रदर्शनी और रोडशो के माध्यम से बातचीत करेंगे और राज्य की नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर तथा लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को उजागर करेंगे।
सिंगापुर और यूपी के बीच साझेदारी
सीएम योगी की यह यात्रा भारत और सिंगापुर के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी रोडमैप के अनुरूप है, जिसमें डिजिटल प्रौद्योगिकी, सतत विकास, कौशल विकास और उन्नत उत्पादन के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 2025-26 में लगभग 36 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित जीएसडीपी के साथ तेजी से बढ़ रही है और सिंगापुर से निवेश इस वृद्धि को और मजबूती देगा।
यात्रा का एक और अहम हिस्सा भारतीय प्रवासी समुदाय से संवाद है, जिसमें मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की विकास कहानी साझा करेंगे और युवा छात्रों से बातचीत करेंगे। इससे न केवल निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य की ब्रांड पहचान को भी वैश्विक मंच पर मजबूती मिलेगी।
संक्षेप में, सीएम योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर आगमन भव्य स्वागत और निवेश के फोकस के साथ हुआ है, और यह यात्रा उत्तर प्रदेश के वैश्विक आर्थिक सहयोग तथा निवेश आकर्षण को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
