भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा असम में आगामी चुनावों को लेकर अहम मिशन पर हैं। नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में स्पष्ट लक्ष्य रखा है कि हर बूथ पर कम से कम 50% वोट हासिल किया जाए। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य सिर्फ संख्याओं का खेल नहीं है, बल्कि जनता के बीच भाजपा की समर्थन-भूमि को और मजबूती से स्थापित करने का प्रयास है। नड्डा के अनुसार, असम में भाजपा ने पिछले वर्षों में सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा स्थितियों में सुधार की दिशा में कई प्रयास किए हैं, जिनके सकारात्मक असर को अब बूथ-स्तर पर वोटों में दिखाना जरूरी है।
बीजेपी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बूथ-प्रमुखों के साथ मिलकर स्थानीय मतदाताओं तक पार्टी की नीतियों और योजनाओं को बेहतर तरीके से पहुंचाएं। उन्होंने भरोसा जताया कि इससे न सिर्फ वोटों की संख्या बढ़ेगी बल्कि पार्टी की संगठनात्मक ताकत भी प्रदेश में और मजबूत होगी। नड्डा ने जोर देकर कहा कि बूथ-स्तर पर मतदाताओं से सीधा जुड़ाव ही पार्टी की विजय की रणनीति की रीढ़ है।
बीजेपी की चुनावी रणनीति और राजनीतिक समीकरण
असम में भाजपा की लक्ष्य-योजना सिर्फ वोट प्रतिशत को बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि पार्टी को सामाजिक और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर भी रणनीति पर काम करना है। नड्डा ने कहा कि भाजपा अपनी नीतियों के जरिये सभी समुदायों को समान रूप से जोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि असम में सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, रोजगार और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर पार्टी के कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार होना चाहिए।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि असम जैसे राज्य में जहां जातीय पहचान और स्थानीय हितों का बड़ा प्रभाव है, वहां भाजपा का लक्ष्य हर बूथ पर 50% वोट हासिल करने का लक्ष्य काफी महत्व रखता है। इससे न केवल पार्टी की स्थिति मजबूत होगी बल्कि विरोधी दलों को चुनौती देना भी आसान होगा।
बीजेपी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को यह भी संदेश दिया कि असम की जनता ने पार्टी की नीतियों को सराहा है और अब पार्टी को इस समर्थन को वोटों में बदलने के लिए रणनीतिक रूप से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बूथ-स्तर पर अभियान को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को समय-समय पर प्रशिक्षण, जनसम्पर्क और स्थानीय जरूरतों को समझने की प्रक्रिया को तेज करना चाहिए, ताकि पार्टी का संदेश हर घर तक पहुंच सके।
