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विधान परिषद में गरजे योगी आदित्यनाथ, कहा – सपा-कांग्रेस के वक़्त गुंडे- माफिया का सरकार….

योगी आदित्यनाथ
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सोमवार को बजट सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश विधान परिषद में अपने संबोधन में विपक्षी दलों खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के शासन में प्रदेश अराजकता, अव्यवस्था और माफिया का गढ़ बन चुका था, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश अब “बीमारू” से “ब्रेकथ्रू स्टेट” और “उपद्रव प्रदेश” से “उत्सव प्रदेश” में बदल गया है।

योगी ने कहा कि 2017 से पहले गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चला रहे थे, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ का राज था और कानून-व्यवस्था ध्वस्त थी। लेकिन आज प्रदेश में कोई दंगा नहीं, कोई कर्फ्यू नहीं है और कानून का शासन स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इसे “न कर्फ्यू, न दंगा, सब चंगा” की स्थिति बताया, जो सुशासन और स्पष्ट नीति का परिणाम है।

भाषण में उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे “वंदे मातरम”, संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान कर रहे हैं। उनका कहना था कि राष्ट्रीय गीत, तिरंगा और अन्य देशभक्ति के प्रतीकों के अपमान को संविधान की अवहेलना माना जाना चाहिए। योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए धन्यवाद भी दिया कि उन्होंने वंदे मातरम को सार्वजनिक समारोहों में अनिवार्य किया है।

विकास के दावे और विपक्षी दलों के खिलाफ आरोप

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में पुलिस व्यवस्था, भर्ती और कानून-व्यवस्था में सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में पुलिस भर्ती में भारी वृद्धि हुई है, जिसमें 2 लाख 19 हजार भर्ती शामिल हैं और इनमें लगभग 20% महिला उम्मीदवारों का योगदान है। पहले केवल दस हजार महिला पुलिस कर्मी थे, अब संख्या बढ़कर 44 हजार से अधिक हो चुकी है।

योगी ने फॉरेंसिक लैब की संख्या भी 2 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है और छह अन्य निर्माणाधीन हैं। हर जिले में दो फॉरेंसिक वान स्थापित किये जा चुके हैं। यह सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

भाषण में मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे “संवैधानिक प्रमुखों” और “राष्ट्रीय प्रतीकों” का अपमान कर रहे हैं, जिससे प्रदेश का सामाजिक ताना-बाना प्रभावित होता है। उन्होंने दावा किया कि सपा का रवैया प्रदेश के विकास में बाधक है और अगर इसी तरह का व्यवहार जारी रहा तो सपा का ही भगाना होगा जैसे कांग्रेस को विधान परिषद से बाहर होना पड़ा।

योगी ने यह भी कहा कि सपा राम मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर जैसे धार्मिक प्रतीकों का विरोध करती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी प्राथमिकता प्रदेश और संस्कृति की सुरक्षा नहीं है बल्कि राजनीतिक लाभ है।

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