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यूपी कैबिनेट बैठक में शिक्षकों-शिक्षामित्रों को बड़ा “कैशलेस इलाज” तोहफा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी बड़ी सौगात

Yogi Adityanath Cabinet
यूपी कैबिनेट बैठक में शिक्षकों-शिक्षामित्रों को बड़ा “कैशलेस इलाज” तोहफा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी बड़ी सौगात
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उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में 29 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित लोकभवन में महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक की तैयारी चल रही है। इस बैठक में प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अन्य शिक्षा विभाग कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के संबंध में प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने की संभावना है। यह सुविधा उन शिक्षकों के लिए होगी जो अभी तक सरकारी कर्मचारियों की तरह स्वास्थ्य बीमा या इलाज की सुविधा से वंचित थे। इस मामले पर सीएम योगी की ओर से शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट में पेश किया जाएगा और माना जा रहा है कि इसे आज ही स्वीकृति मिल सकती है।

इस योजना के तहत प्रदेशभर में असंगठित व सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, स्वयं वित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षक, बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, वार्डन और रसोइया व उनके आश्रित परिवारों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। वर्तमान जानकारी के अनुसार, इस योजना में लगभग 8 लाख से 10 लाख शिक्षकों और कर्मियों को लाभ मिलेगा, जिससे करोड़ों परिवारों को सीधे स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।

योजना के मुख्य बिंदु और पृष्ठभूमि

यह पहल सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा शिक्षा समाज के प्रति सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। दरअसल, पिछले साल 5 सितम्बर 2025 को शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें इलाज के लिए पहले भुगतान न करना पड़े। माना जा रहा है कि इसी घोषणा को अब आधिकारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया कैबिनेट बैठक में पूरी होगी।

कैशलेस इलाज क्या होगा?

इस व्यवस्था के तहत पात्र शिक्षक-शिक्षामित्रों को इलाज के लिए पैसे ऋण या पहले भुगतान नहीं करना पड़ेगा, बल्कि सरकार द्वारा तय एमआईएमएस (जैसे आयुष्मान भारत-जैसा मॉडल) के अंतर्गत अस्पतालों में सीधे भुगतान या बिल क्लेम की व्यवस्था होगी। इससे चिकित्सा खर्च की आपदा में पड़ने वाले शिक्षकों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा, विशेषकर गरीब या मध्यम आय वर्ग के लिए यह सुविधा बेहद मददगार साबित हो सकती है।

योजना का दायरा न सिर्फ सरकारी विद्यालयों के कर्मचारियों तक सीमित है, बल्कि निजी, सहायता प्राप्त और स्व-वित्त पोषित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को भी इसमें शामिल करने का प्रावधान है, जिससे शिक्षा क्षेत्र की व्यापक आबादी को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, कई स्थानीय प्रशासनिक प्रस्ताव भी कैबिनेट में विचार के लिए रखे गए हैं, जैसे ज़ेवर एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण और नए पदों पर नियुक्ति आदि।

शिक्षक समुदाय की प्रतिक्रिया

शिक्षक संगठनों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है और इसे शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सुरक्षा के बिना कोई भी शिक्षक आत्मविश्वास के साथ अपना कर्तव्य नहीं निभा सकता। उम्मीद है कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह सुविधा समयबद्ध तरीके से लागू कर दी जाएगी।

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