IND VS ENG TEAM INDIA WEAR BLACK ARM BAND
इस वजह से इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन काली पट्टी बांधकर उतरा भारत

Team India: भारत और इंग्लैंड (IND vs ENG) के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच राजकोट में खेला जा रहा है. तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन तक भारत (Team India) और इंग्लैंड की टीम (England Cricket Team) 1-1 पारी खेल चुकी हैं, जबकि भारतीय टीम (Team India) दूसरी पारी में बल्लेबाजी शुरू कर चूका है. तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम 2 विकेट के नुकसान पर 196 रन बना चुकी है.

भारतीय टीम पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर अब तक इंग्लैंड पर 322 रनों की बढ़त बना चूका है. भारतीय टीम (Team India) तीसरे दिन के अंत तक इस मैच में मजबूत स्थिति में पहुंच चूका है.

तीसरे दिन क्यों काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरा Team India

तीसरे दिन जब भारतीय टीम (Team India) बल्लेबाजी करने उतरी तो भारतीय कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) समेत सभी भारतीय खिलाड़ी अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर उतरे, जिसे देख हर भारतीय फैंस हैरान रह गया. अब हर भारतीय फैंस इस बात को जानना चाहता है कि क्यों भारतीय टीम ऐसे काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरी है.

इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में खेले जा रहे तीसरे मुकाबले के तीसरे दिन पूर्व कप्तान के निधन पर शोक जताने भारतीय टीम (Team India) बांह पर काली पट्टी पहनकर उतरी. बीसीसीआई की तरफ से इसको लेकर बयान जारी करते हुए जानकारी दी गई. सोशल मीडिया अकाउंट पर बीसीसीआई की तरफ से लिखा गया.

भारतीय टीम अपनी बांह पर पूर्व कप्तान दत्ताजी राव (Dattaji Rao Gaekwad) को याद करते हुए काली पत्ती बांधकर खेलने उतरेगी. पूर्व भारतीय कप्तान और भारत के सबसे उम्र दराज खिलाड़ी दत्ताजी राव का निधन इसी हफ्ते हुआ था.

पूर्व कप्तान Dattaji Rao Gaekwad को भारतीय खिलाड़ियों ने दी श्रद्धांजलि

भारत के लिए 1952 और 1961 के बीच 11 टेस्ट खेले थे. उन्होंने 1959 में इंग्लैंड दौरे पर राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी की थी. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 1952 में लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण किया और उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 1961 में चेन्नई में पाकिस्तान के खिलाफ था.

दत्ताजी राव गायकवाड़ ने रणजी ट्रॉफी में 1947 से 1961 तक बड़ौदा का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने 47.56 की औसत से 3139 रन बनाए, जिसमें 14 शतक शामिल थे

पूर्व भारतीय कप्तान दत्ताजीराव गायकवाड़ का उम्र संबंधी बीमारियों के कारण मंगलवार (13 फरवरी) को निधन हो गया. वह भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और राष्ट्रीय कोच अंशुमान गायकवाड़ के पिता थे. वह 95 वर्ष के थे.

परिवार के एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्होंने पिछले 12 दिनों से बड़ौदा के एक अस्पताल के आईसीयू (गहन चिकित्सा कक्ष) में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आज सुबह अंतिम सांस ली.

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