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रविवार के दिन पर्थ के मैदान में खेले गए भारत बनाम साउथ अफ्रीका के मुकाबले में टीम इंडिया को 5 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। हालांकि इस मैच के दौरान टीम इंडिया के बेहतरीन खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव ने टीम को जिताने की पूरी कोशिश की। लेकिन वह नाकामयाब साबित हुए उन्होंने टीम इंडिया के लिए 40 गेंदों का सामना करते हुए 68 रनों की शानदार पारी खेली। जो टीम के लिए सबसे ज्यादा हाईएस्ट स्कोरर भी रहे। जहां भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर खेलते हुए 9 विकेट के नुकसान पर 143 रनों का लक्ष्य साउथ अफ्रीका को दिया था।

तो वहीं लक्ष्य का पीछा करने मैदान पर उतरी साउथ अफ्रीका की टीम ने बहुत ही आसान तरीके से इस लक्ष्य को अपने नाम किया। हालांकि टीम इंडिया की हार के बाद पाकिस्तान टीम को एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि उनकी सेमीफाइनल में पहुंचने की राह थोड़ी मुश्किल हो गई है। नई टीम इंडिया को अपना अगला मुकाबला 2 नवंबर के दिन में बांग्लादेश के खिलाफ खेलना है।

लेकिन इस बीच अब ऐसी खबरें आ रही है कि टीम इंडिया इस वर्ल्डकप का खिताब अपने नाम कर सकती है। जी हां ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं तो चलिए आपको बताते हैं कि आखिर इसके पीछे क्या है पूरा गणित।

पूरे 11 साल बाद एक बार फिर से वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका से हारी टीम इंडिया

टीम इंडिया के लिए यह हार काफी सही है क्योंकि इस हार के बाद टीम इंडिया के रास्ते काफी सही दिखाई दे रहे हैं। साउथ अफ्रीका ने रविवार के दिन मुकाबले में भारत को हरा दिया था कुछ ऐसा ही मुकाबला साल 2011 के दौरान भी देखने को मिला था। जब भारत ने उस मैच में 296 रन बनाए थे लेकिन साउथ अफ्रीका ने 2 गेंद बाकी रहते हुए ही 300 रनों को बनाकर इस मैच को अपने नाम किया था।

टीम इंडिया के साथ इस बार भी मौजूद है नया कप्तान

साल 2007 की बात करें तो महेंद्र सिंह धोनी के रूप में टीम इंडिया को एक नया कप्तान मिला था। धोनी की कप्तानी के दौरान ही टीम इंडिया T20 वर्ल्ड कप में गई थी और इस बार रोहित शर्मा और उनके पास काफी अच्छा अनुभव है।

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दूसरी बार वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को अपने नाम कर सकती है टीम इंडिया

आपको बता दें कि टीम इंडिया की हार से भले ही क्रिकेट के फैंस निराश हो। लेकिन इस हार में टीम इंडिया की जीत चुकी है और यह बात आपको जानकर काफी ज्यादा खुश कर देगी। क्योंकि यहां एक गजब का सहयोग रहा है साल 2007 के बाद टीम इंडिया दूसरी बार वर्ल्ड कप में अपना कब्जा जमा सकती है।

बन रहा है यह गजब का संयोग

दरअसल साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया ने हार को साल 2011 की तरह ही रिपीट किया है। साल 2011 में एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया सोफी को अपने नाम किया था, वहीं अगर इतिहास के पन्ने पलटेंगे तो 2011 के वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका ने भारत के खिलाफ जीत हासिल की थी और उसके बाद भारत एक भी मैच नहीं हारा था। जिसके बाद यह अनुमान से लगाए जा रहे हैं कि टीम इंडिया एक बार फिर से इतिहास को दोबारा रिपीट कर सकती है।

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