'सबको पता मुझे बैटिंग आती थी, सिर्फ गौतम गंभीर ने मुझपर भरोसा दिखाया और ओपनर बनाया'
'सबको पता मुझे बैटिंग आती थी, सिर्फ गौतम गंभीर ने मुझपर भरोसा दिखाया और ओपनर बनाया'

कप्तान के सपोर्ट के बाद खिलाड़ी के बेस्ट प्रदर्शन के कई किस्से सुने सुनाए हैं। इसी क्रम में कैरेबियाई खिलाड़ी सुनील नरेन ( Sunil Narine) ने गौतम गंभीर ( Gautam Gambhir) के लिए कप्तान के तौर पर प्रसंशा की है। गौतम गंभीर की कप्तानी में केकेआर ने दो खिताब अपने नाम किए है वहीं सुनील नरेन ( Sunil Narine) को केकेआर के काफी बेहतरीन खिलाड़ियों में गिना जाता है। जानिए क्या कहा सुनील नरेन ( Sunil Narine) ने…

गौतम गंभीर ने कराई मुझसे सलामी बल्लेबाजी

सुनील नरेन

त्रिनिदाद खिलाड़ी सुनील नरेन ( Sunil Narine) ने आईपीएल में गौतम गंभीर के सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरने को लेकर इस फैसले ने उनकी जिंदगी बदल दी। इस बारे में बात की हैं। एक वेबसाइट से बात करते हुए उन्होंने कहा,

“गौतम गंभीर ने मुझे ओपनिंग करने के लिए कहा था वो चाहते थे कि मैं टीम को तेज शुरुआत दिलाऊं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं अपना विकेट जल्दी खो दूं। कोई भी मेरे लिए बहुत अधिक प्लान नहीं बना सकता था क्योंकि मैं इस भूमिका के लिए अभी भी नया था, विरोधी टीम मुझे गंभीरता से नहीं लेते थे। मैंने जितना अधिक अच्छा प्रदर्शन किया, केकेआर ने मुझ पर उतना ही अधिक विश्वास किया और मुझे वो प्रोत्साहन दिया”।

सब जानते थे मैं कर लेता हू थोड़ी बहुत बल्लेबाजी : Sunil Narine

सुनील नरेन

सुनील नरेन ( Sunil Narine) ने आगे अपनी बातचीत में कहा कि “आईपीएल के शुरुआती दिनों में और वेस्टइंडीज में लोगों के पता था कि मैं थोड़ी बल्लेबाजी कर सकता हूं, मैं दुनिया को दिखाना चाहता था कि मैं बल्लेबाजी कर सकता हूं, इसलिए मैंने खुद को 18 महीने दिए। मेरी बल्लेबाजी पर काम करने के लिए और अधिक अभ्यास करने के लिए मैंने कड़ी मेहनत की”

बल्लेबाजी करना सबसे ज्यादा पसंद : Sunil Narine

सुनील नरेन
सुनील नरेन

सुनील नरेन ( Sunil Narine) ने इंटरव्यू में बताया,

“कैरिबियन में यह कठिन था। मैंने जितनी अधिक स्पिन गेंदबाजी की, उतना ही मैं मुथैया मुरलीधरन की ओर देखा। लेकिन, शुरुआत में यह कठिन था। वेस्टइंडीज के पास ऐसे स्पिनर नहीं थे जो उस समय लगातार खेल रहे थे। वे हमेशा कुछ मैच ही खेलते थे। वहां तेज गेंदबाजी ही हावी रहते हैं। ईमानदारी से कहूं तो बल्लेबाजी खेल का मेरा पसंदीदा पहलू था और अब भी है। फिर मैंने जो पहला गेम खेला उसमें 14 विकेट लिए। त्रिनिदाद में लोग जानते थे कि मैं बल्लेबाजी कर सकता हूं, लेकिन यह तब हुआ जब मैं नारायण गेंदबाज बन गया। यहीं से मैं तथाकथित मिस्ट्री स्पिनर बना”।

कारेबियाई खिलाड़ी सुनील नारायण ने 2009 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था। 2011 में भारत के ही खिलाड़ी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया। अब तक खिलाड़ी ने वेस्टइंडीज के लिए 6 टेस्ट, 65 वनडे और 51 टी-20 मैच खेले। जिसमें टेस्ट में सुनील नारायण ने 21 वनडे में 92 और टी-20 में 52 विकेट लिए हैं।

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