इस खिलाड़ी की वजह से 36 घंटे तक सो नहीं सके थे सचिन तेंदुलकर, तीसरे दिन लिया था अपनी बेईज्जती का बदला
इस खिलाड़ी की वजह से 36 घंटे तक सो नहीं सके थे सचिन तेंदुलकर, तीसरे दिन लिया था अपनी बेईज्जती का बदला

Sachin tendulkar vs Henry Olonga : भारत और जिंबाब्वे के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के दौरान भारतीय टीम 2-0 से आगे चल रही हैं, लेकिन किसी समय जिम्बाब्वे टीम में भारतीय टीम को मात देने की पूरी काबिलियत मौजूद थी। साल 1998 में राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे युवा खिलाड़ी भारतीय टीम में अपनी जगह बना चुके थे, उस समय शारजाह में भारतीय टीम द्वारा श्रीलंका और जिंबाब्वे के साथ ट्राई सीरीज खेली जा रही थी।

फाइनल में होने वाले मैच में जिम्बाब्वे और भारत दोनों अपनी जगह बना चुके थे, लेकिन उससे पहले अभी एक लीग मैच भी खेला जाना था। जिसमें जिंबाब्वे द्वारा पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को 205 रनों का लक्ष्य दिया गया, जिसके जवाब में अजय जडेजा की अगुवाई वाली भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं हो सकी।

इस दौरान भारतीय बल्लेबाजों पर जिंबाब्वे के तेज गेंदबाज हेनरी ओलंगा कहर बनकर बरस पड़े और देखते ही देखते मात्र 28 रनों पर भारत के तीन अहम बल्लेबाजों सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली को पवेलियन लौटना पड़ा।

भारत को करना पड़ा हार का सामना

इस मैच के दौरान गांगुली 1रन, द्रविड़ 3 रन, और सचिन तेंदुलकर 11 रनों पर आउट हो गए। इन तीनों ही बल्लेबाजों को हेनरी ओलंगा अपना शिकार बनाने में कामयाब रहे। इस मैच के दौरान ओलंगा द्वारा 46 रन देकर चार विकेट झटके गए थे, जिसमें भारत 13 रनों से यह मैच हार गया।

इस मुकाबले के दौरान ओलंगा की एक अचानक उठी गेंद पर सचिन तेंदुलकर अपना बल्ला लगा बैठे, जिसमें वह सिर्फ 12 गेंदों पर 11 रन बनाकर कैच आउट हो गए।

सोनी सिक्स पर जडेजा ने इस किस्से के बारे में बताया और आगे कहा कि सचिन तेंदुलकर उस मैच के दौरान जब आउट हुए थे, तो सचिन उस रात और जब तक अगला मैच नहीं हुआ तब तक उनके दिमाग में सिर्फ एक ही बात चलती रही। वह सो नहीं सका उसके बाद सचिन एक अलग ही अवतार में नजर आए।

उन्होंने सोचा कि जो कुछ भी घटित हुआ है वह सही नहीं हुआ है। उन्होंने ठंडे दिमाग से इस बात को सोचा, और इंतजार किया और उसके बाद उनके द्वारा जो जवाब दिया गया हेनरी ओलंगा को वो हैरान करने वाला था।

इस सीरीज का फाइनल मुकाबला 36 घंटे बाद खेला गया। सचिन द्वारा इस मैच के दौरान कुछ ऐसा किया गया, जो सभी को चौंकाने वाला रहा, साथ ही इतिहास में भी शामिल हो गया। इस मैच के दौरान सचिन जख्मी शेर की तरह हाजिर हुए, और जिंबाब्वे के गेंदबाजों पर बरस पड़े। जिम्बाब्वे द्वारा इस मैच में 9 विकेट के नुकसान पर 196 रन बनाए गए, जिसके जवाब में सलामी बल्लेबाज सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर द्वारा जिंबाब्वे के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी।

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सचिन ने लिया हार का बदला

पिछले मैच के दौरान मिली हार का बदला लेने के लिए सचिन तेंदुलकर द्वारा ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की गई! फिर 92 गेंदों पर नाबाद 124 रनों की पारी खेलते हुए भारत केवल 30 ओवरों में अपने लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब रहा। अपनी इस पारी के दौरान सचिन द्वारा 12 चौके और छक्के मारे गए। ना सिर्फ इतना बल्कि 6 ओवरों में हेनरी ओलंगा को भी सचिन ने 50 रन ठोके।

सचिन और ओलंगा की यह कहानी क्रिकेट इतिहास की चर्चित कहानियों में से एक

ओलंगा और सचिन की यह कहानी क्रिकेट इतिहास की चर्चित कहानियों में से एक हैं। एक इंटरव्यू के दौरान ओलंगा ने कहा कि

“सचिन को मैंने नो बॉल पर आउट किया, मुझमे इतना ज्यादा पंप्ड था, कि मैंने जैसे ही अगली बॉल बाउंसर में डाली, सचिन उसी दौरान प्वाइंट पर कैच दे बैठे। मैं महसूस करता हूं की इसी बात के चलते सचिन बहुत अधिक गुस्से में आ गए थे।”

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