Asia Cup 2022 तो गया हाथ से, लेकिन अगर जीतना है T20 World Cup, तो भारत को करने होंगे इसी महीने ये 3 सुधार
Asia Cup 2022 तो गया हाथ से, लेकिन अगर जीतना है T20 World Cup, तो भारत को करने होंगे इसी महीने ये 3 सुधार

Asia Cup 2022: डिफेंडिंग चैंपियन इस बार एशिया कप जीतने का ख्वाब भारत का पूरा होता नहीं नजर आ रहा है। भारत पाकिस्तान के खिलाफ सुपर-4 का मुकाबला हारने के बाद श्रीलंका से भी हार गया है, जिसके साथ भारत की फाइनल में पहुंचने की उम्मीद लगभग ना के बराबर पहुंच गई है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद पिछले साल रोहित शर्मा कप्तान, वही भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ को बनाया गया था। इन दोनों के कमान संभालने के बाद से ही भारतीय टीम में लगातार चेंजमेंट नजर आ रहे हैं।

खासतौर से अब टी20 क्रिकेट को टीम इंडिया द्वारा अलग अंदाज से खेला जा रहा है, क्योंकि इस साल के आखिरी अक्टूबर-नवंबर में टी-20 विश्व कप होना है। और पिछले साल की नाकामी को भुलाकर इस टूर्नामेंट के दौरान भारत अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है। लेकिन ऐसा करने के चक्कर में कुछ ऐसे फैसले भी लिए गए हैं, जो अब टीम पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। एशिया कप के दौरान तो खास तौर पर यह नजर आ ही रहा है।“`

खिताब का प्रबल दावेदार हो सकता है पाकिस्तान के साथ श्रीलंका भी

एशिया कप की शुरुआत से पहले खिताब का प्रबल दावेदार भारत को ही माना जा रहा था। उसके बाद खिताब के आसपास पाकिस्तान की टीम नजर आ रही थी, लेकिन सुपर -4 राउंड के शुरुआती तीन मैचों के बाद ही सारे समीकरणों में परिवर्तन हो गए। भारत के हाथ से एशिया कप निकल गया है, और अब खिताबी जंग सिर्फ श्रीलंक और पाकिस्तान के बीच है, जो 11 सितंबर को फाइनल हो जायेगा।

बार-बार प्रयोग करने की बात रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ द्वारा भले ही की जा रही हो। लेकिन भारत एशिया कप को लेकर पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ लगातार दो बार हार भारतीय टीम के लिए खतरे की घंटी बन गई है। अगर अभी आवश्यकता से अधिक प्रयोग करते रहे, और नहीं संभल पाए। तो भारत का हाल पिछले टी-20 वर्ल्ड कप जैसा होने में समय नहीं लगेगा।

अगर ऑस्ट्रेलिया में होने वाला टी20 विश्व कप भारतीय टीम जीतना चाहती है तो इन तीन चीजों में उसे फौरन सुधार करना होगा आइए एक-एक को जानते हैं।

करीब टॉप ऑर्डर सेटल नहीं टी20 वर्ल्ड कप

अब टी20 विश्व कप के शुरू होने में मात्र 40 दिन का ही समय शेष है। भारत को एशिया कप के बाद अब ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका से घरेलू सीरीज खेलनी है। जहां भारत ऑस्ट्रेलिया से 3 टी-20 खेलेगा, वहीं दक्षिण अफ्रीका से 3 टी-20 के अतिरिक्त इतने ही वनडे की सीरीज भी खेलेगा। इस सीरीज का आखिरी मैच 11 अक्टूबर को खत्म हो जाएगा, जिसके फौरन बाद भारतीय टीम आस्ट्रेलिया के लिए टी20 विश्व कप के लिए उड़ान भरेगी।

यानी अगर एशिया कप को छोड़ दिया जाए तो टी20 विश्व कप से पहले भारतीय टीम को 6 टी20 खेलना है‌। अब ऐसी स्थिति में भारतीय टीम को प्रयोगों से बचना चाहिए, और अपने प्लेइंग इलेवन को सेटल भी करना चाहिए। टॉप ऑर्डर करना इसमें भी सबसे अधिक जरूरी है।

केएल राहुल और विराट कोहली का स्ट्राइक रेट कमजोर

पिछले टी-20 विश्व कप के दौरान भारत की हार का कारण टॉप ऑर्डर ही रहा था। हालांकि एशिया कप के दौरान भी भारत उसी टॉप ऑर्डर के साथ उतर सका। केएल राहुल द्वारा सभी मुकाबलों के दौरान रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग की गई, और नंबर 3 पर विराट कोहली उतर सकें, लेकिन अगर प्रदर्शन के हिसाब से देखा जाए तो केएल राहुल खरे नहीं उतर सके हैं जब से उन्होंने टीम में दोबारा कमबैक किया है वह रन बनाने के लिए जूझते नजर आ रहे हैं।

उनके द्वारा चार मैचों में 104 की स्ट्राइक रेट से 70 रन बनाए जा सके टी-20 के लहजे से यह कुछ खास नहीं माना जाएगा। कोहली को अवश्य ही लय में लौटते हुए देखा गया, लेकिन इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी 122 रहा है जो t20 टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के लहजे से बेहतर नहीं है।

रोहित के द्वारा अटैकिंग क्रिकेट तो खेला जा रहा है। अच्छी शुरुआत भी दिलाई जा रही है। लेकिन बड़ी पारियों में वह उसे तब्दील कर पाने में नाकाम है। जिसके चलते मिडिल ऑर्डर पर दबाव आ रहा है, ऐसे में भारतीय टीम को टॉप ऑर्डर की इस परेशानी को दूर करना ही होगा।

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ओपनिंग में आजमाया जा सकता है सूर्य कुमार को

बीते कुछ महीनों में प्रयोग के दौरान ओपनिंग में कई खिलाड़ियों को आजमाया गया है। जिनमें ऋषभ पंत, दीपक हुड्डा, सूर्यकुमार यादव द्वारा पारी की शुरुआत की गई। इसमें सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन काफी ठीक रहा है। अगर केएल राहुल रन बनाने में जूझ रहे हैं, तो टॉप ऑर्डर में सूर्य कुमार को शामिल किया जा सकता है।

मैदान के हर कोने पर शॉट्स खेलने की उनमें काबिलियत मौजूद है। टॉप ऑर्डर में उनके शामिल होने से रोहित शर्मा के ऊपर भी दबाव कुछ कम हो सकता है, और पारी को संभालने की भूमिका भी उनके द्वारा निभाई जा सकती है।

भारतीय टीम मैनेजमेंट के पास अब बहुत अधिक समय नहीं बचा है। अगर ओपनिंग के दौरान सूर्यकुमार यादव को आजमाना है, तो उन्हें फिर ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सभी 6 टी20 में यह जिम्मेदारी सौंपनी होगी, ताकि उनके द्वारा खुद को इस रोल में ढाला जा सकें।

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