भारत में क्रिकेट को किसी त्यौहार की तरह मनाया जाता है। जिस कारण क्रिकेटर आम जीवन में सामान्य तौर पर बाहर निकलने पर बाकी आम चीजों के लिए अकेले नहीं निकल सकते हैं। कई बार तो खिलाड़ियों में इस बात को इंटरव्यू के दौरान बताकर शिकायत जताई है। ऐसे में आज हम आपको उन पांच ऐसे क्रिकेटर्स के बारे में बताने जा रहें हैं। जोकि भेष बदलकर बाहर निकल चुके हैं। इस लिस्ट में देश के, विदेश और महिला क्रिकेटर का नाम भी शामिल है। जानिए कौन हैं वो पांच क्रिकेटर…

सौरव गांगुली

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने अपनी किताब ए सेंचुरी इज़ नॉट इनफ जोकि 2018 में पब्लिश हुई थी। उसके बताया है कि दुर्गा पूजा के महोत्सव में शामिल होने के लिए उन्होंने दाढ़ी और पगड़ी वाले सिख व्यक्ति का रूप धारण किया था।

सौरव गांगुली ने खुलासा किया था कि उनकी पत्नी ने ही उन्हें एक आकर्षक दिखने वाले सिख में बदल दिया था। हालांकि जब सौरव गांगुली अपनी कार में बैठे थे, तब एक पुलिस अधिकारी ने उन्हे रोक दिया था, क्योंकि उसने खिलाड़ी को पहचा लिया था। जिसके बाद सौरव गांगुली ने उस अधिकारी ने इसे जाहिर न करने का आग्रह किया था।

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ब्रेट ली

विदेशी खिलाड़ी ब्रेट ली ने 2018 आईपीएल के दौरान मुंबई के पार्क में भूरे रंग के बाल और बूढ़े व्यक्ति के मैकअप के साथ गए थे। जहां उन्होंने बच्चों के साथ खेल खेला। यही नहीं बल्कि अपने खेल से सभी को हैरान भी कर दिया। जिसके बाद जब कई लोग और प्रशंसक सामने आए तब उन्होंने मेक अप हटाकर खुद को प्रकट किया।

मैथ्यू हेडन

विदेशी खिलाड़ी मैथ्यू हेडन भी एक बार ऐसा कारनामा कर चुके है। साथ खिलाड़ी शेन वार्न ने 1000 रुपए से कम कीमत में खरीदने की चुनौती दी थी। तब वो आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स टीम का हिस्सा थे। जिसके बाद खिलाड़ी ने आम मार्केट में जाकर इस शर्त को पूरा किया था। इस दौरान उन्होंने दाढ़ी, मूछ, लूंगी और काला चश्मा लगाया हुआ था। जिसके बाद उन्होंने इस किस्से को अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए जाहिर किया था।

यूसुफ पठान

भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी यूसुफ पठान भी इस लिस्ट में शामिल हैं। उन्होंने ही ब्रेट ली की तरह ही नकली बॉल और मेक अप का सहारा लिया और दिल्ली में भावी क्रिकेटर के बीच का पहुंचे। अपने व्यवहार के उलट उन्होंने एक बूढ़े व्यक्ति का व्यवहार किया। जोकि युवा लड़को को क्रिकेट सिखाने का शौक रखते हैं।

शेफाली वर्मा

पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू करने वाली शेफाली वर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में ये जिक्र किया कि एक बार उन्होंने खुद को अपने भाई के रूप प्रस्तुत करके मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज जीता था। जिसके बाद आयोजको ने उनके पापा से शिकायत की कि आपमें अपनी बेटी को भेज दिया। जिसके बाद उनके पिता ने कहा कि आप भाग्यशाली थे कि मेरे बेटी आई। अगर मेरी बेटी ने इतनी मेहनत तब मेरा बेटा कितनी मेहनत कर सकता था।

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