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5 रूपये के लिए लोगों के खेतो में करती थी काम, आज 15 मिलियन डॉलर की कंपनी की हैं मालकिन

JYOTI

जिन्दगी में सारी दिक्कतों को एक किनारे रख, जो इंसान अपने लक्ष्य को साधे रहते हैं। असल में वो ही लोग अपने जीवन में आगे बढ़ते हैं। आज हम आपकों एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहें हैं, जिनकी संघर्ष की कहानी सुनकर आप सभी दंग रह जाएंगे। ये महिला आन्ध्र प्रदेश के वारंगल जिले के गुडेम में जन्मी है, इनका नाम ज्योति रेड्डी है।

ज्योती ने अपना बचपन गरीबी में गुजारा। उनके घर में दो वक्त की रोटी का भी इंतजाम नहीं हो पाता था, जिसके कारण ज्योति को अनाथालय में रहना पड़ा। इन सबके बाद ज्योति को पांच रुपये दिहाड़ी में काम करना पड़ा। फिर भी ज्योति ने हार ना मानी और मेहनत में कोई कसर ना छोड़ी। आज वो अमेरिका की एक कंपनी की मालकिन हैं। आइए जानते हैं ज्योति के फर्श से अर्श तक का सफर—-

बिना मां के हुआ लालन पालन

JYOTI ORPHAN

ज्योति के पिता ने तंगहाली के कारण उनकी बहन के साथ ज्योति को अनाथालय भेज दिया। ज्योति के पांच भाई बहन हैं, जिनमें ज्योति दूसरे नंबर पर हैं। एक इंटरव्यू में ज्योति ने बताया कि अनाथालय में रहने के दौरान उन्हें बहुत परेशानी होती थी, एक बाल्टी पानी के लिए घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता था। ना ही नल था और ना ठीक ढंग का बाथरूम था। वहां उनकी मां उन्हें बहुत याद आती थी। लेकिन ज्योति को वहां लोगों को यदि दिखाना पड़ता था कि उनकी मां नहीं है।

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अनाथालय में उन्होंने काफी कुछ सीखने को मिला। वहां पर ज्योति को  वोकेशनल स्किल्स में टेलरिंग सीखने को मिली। इसके साथ ही ज्योति अनाथालय के सुपरिटेंडेंट के यहां उनके घरेलू कामों को भी करती थी। इन सबके साथ ज्योति वहां सिर्फ दसवीं तक की पढ़ाई पूरी कर सकी।

16 साल की उम्र में हुई शादी

JYOTI

16 साल की उम्र में ही ज्योति की शादी हो गई। उनके पति का नाम शम्मी रेड्डी था। शम्मी के पास केवल आधा एकड़ जमीन थी। ज्योति घर चलाने के लिए 10 घंटे खेतो में 5 रुपये दिहाड़ी के हिसाब से काम करती थी। शादी के 1 साल बाद ज्योति मां बना, जिसके बाद उनकी जिम्मेदारियां भी बढ़ गई। ज्योति ने एक फिर से अपने आगे की पढ़ाई शुरू की दी और केंद्र सरकार द्वारा आई हुई एक योजना नेहरू युवा केंद्र में वॉलिंटियर बनी और पढ़ाना शुरू कर दिया। इसमें उन्हें बहुत कम पैसे मिलते थे तब उन्होंने अलग से आमदनी के लिए रात में सिलाई का काम करना शुरू किया। और साथ में उन्होंने डॉ. बीआर अंबेडकर ओपन विश्वविद्यालय से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। 398 रुपये की सैलरी में ज्योति ने टीचर की जॉब शुरु की। अपने कार्यस्थल पहुंचने पर ज्योति को दो घंटे लगते थे, इसलिए रास्ते में ज्योति ने उन 2 घंटो का इस्तेमाल किया और लोगों को साड़ी बेचना शुरु किया।

1997 में पूरा किया पोस्ट ग्रेजुएशन

JYOTI

उसके बाद सन् 1995 के आसपास उन्हें एक Mandal Girl Child Development Officer की नौकरी मिली जहां उन्हें 2750 रुपये तक सैलरी मिलती थी। तब उन्होंने 1997 में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री भी पूरी कर ली। धीरे से ज्योति ने अपनी अमरिका में रहने वाली एक कजिन को देखा, जिसे देख वो प्रभावित हुई। उनकी कजिन ने ज्योति से बताया कि वह भी अमेरिका में रहकर अपना सब कुछ मैनेज कर सकती हैं यहीं से ज्योति ने भी अमेरिका जाने का प्लानिंग करना शुरू किया। और इसके लिए पैसे बचाने शुरू कर दिए।

उन्होंने शिक्षकों के साथ मिलकर चिटफंड शुरू कर लगभग 25000 तक कमा लिए और इसके साथ ही उन्होंने हैदराबाद जाकर कंप्यूटर क्लास लेना भी शुरू किया, लेकिन इसके लिए उनके पति राजी नहीं थे। कमाने के बाद ज्योति ने अपना पासपोर्ट बनवाया और अपनी कजिन के साथ रह कर काम करने लगी, जहां उन्हें 60 डॉलर सैलरी मिल जाती थी, लेकिन बाद में वह एक पेइंग गेस्ट की तरह गुजराती परिवार के साथ रही। ज्योति ने अमेरिका में कई तरह के छोटे-मोटे काम किए। इसके बाद उन्होंने एक “CS America” नाम की कंपनी में रिक्रूट की जॉब मिली।

खड़ी की खुद की कंपनी

JYOTI WITH PRANAV MUKHRJEE

साल 2001 में ज्योति अपनी बेटियों से मिलने भारत आई। भारत में एक पुजारी ने उनको बताया कि आगे चलकर वो अपना बिजनेस शुरु करेंगी। यहीं से उनको बिजनेस की लत लग गई। उन्होंने एक कंसलटिंग कंपनी शुरू करने का विचार किया जो यूएस के लिए पेपर वर्क वीजा जैसी जरूरतों पर काम करती है। 2001 में ही ज्योति ने साल 40 हज़ार डॉलर को बिजनेस में लगा दिया। उनकी कंपनी का नाम  Software Solutions Inc थी, जहां रिक्रूटमेंट और सॉफ्टवेर सोल्यूशन डेवेलप करने का काम होता था।

बाद में उन्होंने अपने कजिन को भी इस कंपनी में पार्टनर बना लिया और इनकम बनने पर अपनी बेटियों को भी अमेरिका बुला लिया। कंपनी के शुरुआत के पहले साल में उन्हें लगभग 1 लाख 68 डॉलर हजार का फायदा हुआ, जो आगे बढ़कर मिलियन डॉलर्स में बदल गया। आज के समय में ज्योति के कंपनी का टर्नओवर लगभग 15 मिलियन डॉलर पहुंच चुका है और लगभग 100 से भी अधिक लोग उनकी कंपनी में काम करते हैं।

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