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खुद आर्थिक तंगी झेल अपनी सैलरी से 50 बच्चों को पढ़ाता है ये पुलिस इंस्पेक्टर, दिलाना चाहते हैं सरकारी नौकरी

sanjay sanware and student

पुलिस की नौकरी करने वाले किसी भी व्यक्ति को इतना समय नहीं मिलता है कि, वह अपनी ड्यूटी के साथ-साथ मानवता के लिए भी समय निकाल सके। लेकिन इन सब बातों को गलत साबित करते हुए इंदौर के एक पुलिस ऑफिसर ने ऐसा कुछ कर दिखाया है, जिससे वह एक प्रेरणा बनकर सामने आए हैं। 40 साल के इस पुलिस जवान का नाम है संजय सांवरे। आइए जानते हैं संजय की इस मानवता की कहानी

sanjay sanware

खुद की सैलरी से करते हैं खर्चा

मध्यप्रदेश इंदौर के निवासी संजय सांवरे रोज की तरह ही अपनी ड्यूटी पर भी जाते हैं और छोटे-छोटे बच्चों को साक्षर करने का काम भी करते हैं। सराहनीय बात यह है कि, संजय सांवरे इन बच्चों की पढ़ाई का खर्चा अपनी जेब से करते हैं। उन्होंने ठाना है कि, वह इन छोटे-छोटे बच्चों की जिंदगी किसी लायक बना कर ही रहेंगे।

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sanjay sanware with student

खुद आर्थिक तंगी से परेशान होने के बावजूद भी संजय सांवरे ने हिम्मत नहीं हारी और वह अपने दोस्तों की मदद से गरीब बच्चों की सहायता कर रहे हैं। जो भी बच्चे झुग्गियों में रहते हैं और आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, उनके लिए संजय स्कूल बैग, किताबें और नोटबुक का इंतजाम करते हैं। इस कार्य में उनकी सहायता उनके मित्र पुनीत करते हैं।

ड्यूटी के साथ ही साथ बच्चों को पढ़ाते हैं संजय सांवरे

संजय और उनके दोस्त ने साल 2016 में मिलकर बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया था, जिसको अब 4 साल पूरे हो चुके हैं। इतने सालों में उनके पास सिर्फ एक दो बच्चे नहीं बल्कि 50 बच्चे पढ़ने आते हैं। इन बच्चों में ज्यादातर ऐसे बच्चे हैं, जिनकी उम्र 1 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक है। पुलिस के तौर पर कार्य करने वाले संजय अपनी ड्यूटी भी ईमानदारी से निभाते हैं और इन बच्चों को पढ़ाने का काम भी मेहनत और लगन से करते हैं।

संजय का कहना है कि,

‘ उन्होंने खुद आर्थिक तंगी झेली है, जिस वजह से वह नहीं चाहते कि इन बच्चों को भी इसी तरह परेशानी झेलनी पड़े। शिक्षित बच्चे ना कि, खुद भविष्य में अपने पैरों पर खड़े होते हैं, बल्कि दूसरों का भविष्य बनाने में भी काफी मददगार बनते हैं’।

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