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IAS बनने के लिए माँ और पिता का छोड़ दिया घर, अब तीसरी रैंक लाकर बनी अधिकारी

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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की रहने वाली प्रतिभा वर्मा ने छोटी सी उम्र से ही आईएएस बनने का सपना देखा था जो कि, आज वह पूरा कर चुकी है। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने यूपीएससी के एग्जाम में सफलता हासिल की और ऑल इंडिया थर्ड रैंक प्राप्त करके आज अपनी मंजिल तक पहुंच चुकी है। अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत की और कई संघर्ष किए, जिसके बाद आज वह अपने माता-पिता का नाम रोशन कर चुकी है।

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ग्रेजुएशन के बाद शुरू कर दी जॉब

प्रतिभा वर्मा के पिता का नाम सुबंश वर्मा है जोकि रिटायर्ड शिक्षक हैं, और प्रतिभा की मां उषा वर्मा प्राथमिक विद्यालय की हेडमास्टर है। प्रतिभा के माता पिता ने उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचने के लिए काफी ज्यादा साथ दिया। प्रतिभा बहुत ही प्रतिभावान छात्रा थी। रामराजजी बालिका इंटर कॉलेज से हाई स्कूल करके साल 2010 में उन्होने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की।

बता दें कि, हाई स्कूल में उन को पूरे जिले में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था, वहीं इंटरमीडिएट में उन्होंने टॉप किया था। प्रतिभा ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक पूरा किया और इसके बाद 2 साल लगातार फोन की कंपनी में नौकरी की।

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परिवार का माहौल शिक्षित था

प्रतिभा के चार भाई बहन है, जिसमें से वह तीसरे नंबर पर है। उन का छोटा भाई बी टेक कर रहा है, तो वही बड़े भाई प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं। बहन डॉक्टर है और पिता हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक हैं। प्रतिभा की माता भी अध्यापिका है। परिवार का माहौल हमेशा से ही शिक्षित था, जिस वजह से प्रतिभा ने भी बचपन से ही आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखा था।

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प्रतिभा जॉब के साथ-साथ सिविल सर्विसेज की तैयारी भी करती थी, जिसके बाद प्रतिभा का सिलेक्शन साल 2019 में आईआरएस की पोस्ट पर हो गया। यहां पर प्रतिभा ट्रेनिंग के दौरान अपनी तैयारी पर भी ध्यान देती थी, क्योंकि उनका सपना था आईएएस बनना।

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प्रतिभा ने साल 2016 में नौकरी छोड़ दी और वह वापस दिल्ली चली गई यहां पर यूपीएससी की तैयारी करते-करते वह धीरे-धीरे सिलेबस समझ रही थी। लगातार मेहनत के बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की।

प्रतिभा ने बताया कि, ” उन्होंने बीटेक करने के बाद प्राइवेट नौकरी शुरू कर दी थी, क्योंकि वह जानना चाहती थी कि, प्राइवेट जॉब में किस तरह से काम होता है”।

उन्होंने बताया कि, उनका जॉब में मन नहीं लग रहा था, जिसके बाद उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी।

माता पिता ने दिया हमेशा साथ

प्रतिभा ने आईएएस की ऑल इंडिया रैंकिंग में तीसरा स्थान प्राप्त किया, तो वहीं महिला वर्ग में प्रतिभा को पहला स्थान मिला है। उत्तर प्रदेश सुल्तानपुर से चौथी रैंक प्राप्त करने वाली प्रतिभा पहली महिला बन गई हैं।

उन्होंने बताया कि,

“उनके माता-पिता ने हमेशा से ही उनका साथ दिया है। इसके अलावा दोस्तों ने भी उनका हमेशा साथ दिया”।

 

प्रतिभा कहती है कि, यदि मेहनत और लगन से कोशिश की जाए तो कामयाबी अवश्य हासिल होती है। आज प्रतिभा के माता-पिता के अलावा पूरा देश उनकी तारीफ कर रहा है।

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