‘आजादी पत्र’ में पिता लालू यादव का नाम तक सही से नहीं लिख पाए बेटे तेजप्रताप यादव, गलतियों की है भरमार

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चारा घोटाले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की तबीयत इन दिनों खराब चल रही है, जिस वजह से उनका इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा है। अस्पताल में डॉक्टर की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजरें जमाए हुए हैं। लालू प्रसाद यादव के परिवार वाले भी उनके स्वास्थ्य को लेकर काफी ज्यादा चिंतित है। इसी दौरान उनके पूरे परिवार ने उनकी रिहाई के लिए एक कैंपेन की शुरुआत की है।

सोशल मीडिया के माध्यम से तेजप्रताप और उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने इस कैंपेन के साथ जुड़ने को लेकर सभी से अपील की है। जिसमें पोस्ट कार्ड ‘आजादी पत्र’ के जरिए देश के राष्ट्रपति को संदेश लिखकर भेजा गया। मुख्य बात यह है कि, तेज प्रताप यादव के द्वारा लिखे गए इस आजादी पत्र में उन्होंने कई ऐसी गलतियां कर दी है। जिस के बाद अब उन्हें काफी ज्यादा ट्रोल दिया जा रहा है. आइए जानते हैं कि, तेज प्रताप यादव ने आजादी पत्र में क्या लिखा-

आज़ादी पत्र

tej pratap yadav

 

‘गरीवों’ एवं ‘बंचित’ समाज के ‘मसिहा’ मेरे पिता परम ‘आपरणीय’ श्री ‘लालु‘ प्रसाद जी को मानवीय ‘मुल्यों‘ के आधार पर कारा वास से आजाद किया ‘जाय‘।
140 हसनपुर
तेजप्रताप यादव

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लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तथा हसनपुर से आरजेडी विधायक तेज प्रताप यादव ने रिहाई को लेकर देश के राष्ट्रपति को गलतियों से भरा आजादी पत्र लिखा। इस पोस्टकार्ड को भेजने के लिए तेज प्रताप यादव ने मीडिया वालों को भी बुलाया था। जिसके बाद उन्होंने पोस्टकार्ड को लेकर एक ट्वीट भी किया।

अब पोस्टकार्ड से ज्यादा चर्चे पत्र में लिखे हुए गलत शब्दों को लेकर हो रहे हैं। एक लाइन के इस आजादी पत्र में उन्होंने अपने पिता जी का नाम भी ठीक तरीके से नहीं लिखा। लालू की जगह उन्होंने ‘लालु‘ लिखा। सिर्फ पिता का नाम ही नहीं बल्कि इस पत्र में कई ऐसे वाक्य हैं, जो गलत लिखे हुए हैं। जिसे लेकर अब काफी ज्यादा चर्चा हो रही है।

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एक लाइन के ‘आजादी पत्र’ में देखिए कितनी गलतियां

लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के द्वारा लिखे गए इस पत्र में उन्होंने गरीबों के जगह पर ‘गरीवों’ लिखा है। इसके अलावा वंचित की जगह पर ‘बंचित’ लिखा। वहीं मसीहा की जगह पर ‘मसिहा’ व आदरणीय की जगह पर ‘आपरणीय’ लिखा है। मूल्यों की जगह पर ‘मुल्यों’। अपने पिताजी लालू प्रसाद यादव के नाम पर लालू की जगह उन्होंने ‘लालु’ लिखा है।

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लालू प्रसाद यादव के बेटे हैं इतने पढ़े-लिखे

हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की 9 संताने हैं। उनके दो बेटे और 7 बेटियां हैं, जिनमें दोनों बेटे सबसे छोटे हैं। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने मैट्रिक पास किया है। 11वीं कक्षा तक पढ़ने के बाद 12वीं कक्षा में फेल हो गए। जिसके बाद उन्होंने फिर पढ़ाई ही छोड़ दी। अगर बात की जाए लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव के बारे में तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सिर्फ नौवीं कक्षा तक की पढ़ाई की है।

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आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटियां है इतनी पढ़ी-लिखी

लालू प्रसाद यादव की सबसे बड़ी बेटी मिसा भारती जो कि, राज्यसभा सांसद हैं, उन्होंने पटना के पीएमसीएच से एमबीबीएस किया है। रोहिणी आचार्य ने भी जमशेदपुर के महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की।

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तीसरी बेटी रागिनी यादव ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की तथा बेटी हेमा यादव ने बीआईटी रांची से बीटेक किया। वही अनुष्का यादव ने इंटीरियर डिजाइनिंग से ग्रेजुएट किया और सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी ने नोएडा के एमिटी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया है।

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