जानिए कौन है कर्पूरी ठाकुर जिसकी वजह से विवादों में फंसे नीतीश कुमार

NITISH KUMAR

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ड़र सता रहा है और ये ड़र है कुर्सी छिनने का। रविवार को पटना में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम नीतीश ने अप्रत्यक्ष तौर पर कुछ इसी तरह का इशारा किया। सीएम नीतीश ने कहा कि जननायक के साथ अन्याय क्यों हुआ? कर्पूरी ठाकुर जी ने अतिपिछड़ों को आरक्षण दिया। नाराज लोगों ने 2 साल कुछ महीने में ही उन्हें हटा दिया। हमलोग भी सबके हित में काम कर रहे हैं। कभी-कभी सबके हित में काम करने से कुछ लोग नाराज हो जाते हैं। किसी की भी हमने उपेक्षा नहीं की है। बिहार निरंतर आगे बढ़ रहा है।

जब तक हैं लोगों की सेवा करेंगे

NITISH KUMAR AND KARPURI THAKUR

जनहीत की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि

“कुछ लोग सिर्फ सत्ता का सुख लेना चाहते हैं। हमारे लिए सत्ता का बस एक मतलब है और वो है सेवा। लोगों की सेवा करना ही हमारा धर्म है। मैं वचन देता हूं, जब तक हम हैं, लोगों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी नीतियां बनाईं उसका लाभ सबको मिला है। सरकार में आने के पहले ही दिन से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक समाज, अतिपिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए हैं।”

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कर्पूरी ठाकुर के विचारों की सराहना

NITISH KUMAR

कर्पूरी ठाकुर के विचारों को अच्छा बताते हुए नीतीश कुमार ने आगे कहा कि

“जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों को जमीन पर उतारने के लिए हम प्रयत्नशील हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, लोकनायक जय प्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया, जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों से हमलोग प्रेरित होकर काम कर रहे हैं। हमलोगों ने न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर काम करते हुए हर इलाके और हर तबके का विकास किया है। हाशिए पर रह रहे लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष पहल की गई।”

सीएम ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिससे समाज के हर तबके की महिलाएं जनप्रतिनिधि के तौर पर जनसेवाओं से जुड़ीं।

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