दरभंगा: दिव्यांग के साथ गैंगरेप के बाद फोड़ी गई आंखे, शरीर पर नहीं बचा 1 इंच कपड़ा

मधुबनी में दिव्यांग के साथ गैंगरेप

हमारा समाज में कुछ लोग ऐसे हैं, जो इंसान के नाम पर भेड़िया हैं, उन्हें इस से कोई फर्क नहीं पड़ता कि दूसरों पर क्या बितेगा, आगे उसकी जिंदगी कैसी होगी जिसके साथ वो दरिंदगी कर रहे हैं. आज मधुबनी में एक मामला ऐसा ही देखने को मिला है. DMCH के आंख विभाग में भर्ती मधुबनी की दिव्यांग ने जब अपने साथ हुए अमानवीय घटना को हाथो के इशारों से बताया तो सुनने वालों की आँखों से आंसू निकल आए. राक्षसो ने पहले तो उस लड़की का रेप किया जो बोल और सुन नहीं सकती थी, लेकिन अब तो वो देख भी नहीं सकती है. रेप पीड़िता का पहले गैंग रेप हुआ और वो उन भेड़ियों को देखकर पहचान न ले इस वजह से उसकी आंखे भी फोड़ दी गई.

बगल के जामुन के पेड़ से लकड़ी तोड़ आँखों में घुसाई

मधुबनी दिव्यांग गैंग रेप
मधुबनी दिव्यांग गैंग रेप

 

12 जनवरी को पीड़िता को अकेला पाकर कुछ लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया. पीड़िता पहले से ही दिव्यांग थी, जो बोलने और सुनने में असमर्थ थी, लेकिन हैवानियत का नशा जब भेड़ियों के सिर से उतरा तो उन्होंने पहचाने जाने के डर से पास के जामुन के पेड़ से लड़की तोड़कर उस मासूम बच्ची की आंखो में डाल दी, जिससे अब वो देखने में भी असमर्थ है.

परिवार की निशानदेही पर 3 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अभी तक पीड़िता की हालत में कोई सुधार नहीं है. DMCH के डॉक्टरों ने कहा कि पीड़िता की दोनों आंखे बुरी तरह से जख्मी हो गई हैं. पहले उसके आँखों की सुजन कम की जाएगी फिर निरिक्षण के बाद ही ये बात साफ़ हो पाएगी कि उसके आँखों की रौशनी लौटेगी या नहीं.

नितीश सरकार का कोई नुमाइंदा अब तक नहीं लिया जायजा

gang rape

DMCH में भर्ती मासूम दिव्यांग पीड़िता से मिलने अब तक कोई सरकारी नुमाइंदा नहीं पहुंचा. हाँ, पुलिस जायजा लेने जरुर पहुंची. इसी बार को लेकर जब पीड़िता के भाई से बात की गई तो उन्होंने कहा कि

“पुलिसवाले तो आये थे, और मीडिया वाले आते रहते हैं। लेकिन अभी तक कोई नेता या उनका आदमी या DM का कोई भी आदमी उनसे मिलने नहीं आया है.

दिव्यांग पीड़िता के भाई का कहना है कि –

“नहीं, अब तक कोई भी नेता या बड़ा अधिकारी नहीं आया और ना ही किसी से कोई मदद मिली है.”